वज़न घटाने की दवाएं

मौंजारो, ओज़ेम्पिक और वेगोवी: वज़न घटाने वाली GLP-1 दवाएं क्या हैं?

प्रमाणों पर आधारित 16 जुलाई 2026 को प्रकाशित·2 मिनट का पढ़ना
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संक्षेप में

तीन नाम जो आजकल हर जगह सुनाई देते हैं, पर ये तीन अलग दवाएं हैं। जानिए ये शरीर में क्या करती हैं, ट्रायल में लोगों का वज़न सच में कितना घटा, और सही चुनाव आपकी सेहत पर क्यों निर्भर करता है।

आजकल तीन नाम बार-बार सुनने को मिलते हैं। मौंजारो, ओज़ेम्पिक और वेगोवी। लोग अक्सर इन्हें एक जैसी जादुई दवा समझ लेते हैं। पर सच इससे अलग है, और जानने लायक है।

पहले यह समझिए कि इनमें दवा कौन सी है। मौंजारो में टिरज़ेपाटाइड होता है। ओज़ेम्पिक और वेगोवी दोनों में सेमाग्लूटाइड होता है। ये दवाएं शरीर के उसी संकेत की नकल करती हैं जो हमारा पेट खुद बनाता है। खाना खाने के बाद हमारी आंत कुछ हार्मोन छोड़ती है जो दिमाग को बताते हैं कि पेट भर गया है। इससे भूख कम लगती है, इंसान कम खाता है, और खून में शुगर काबू में रहती है।

नाम से पूरी बात पता नहीं चलती। एक ही दवा किसी देश में शुगर के लिए और किसी में वज़न घटाने के लिए मंज़ूर हो सकती है, और खुराक अलग हो सकती है। भारत में इस समय कौन सी दवा सही और उपलब्ध है, यह सिर्फ़ डॉक्टर ही बता सकते हैं।

क्या इनसे फ़ायदा होता है? ट्रायल के नतीजे अच्छे हैं। एक बड़े अध्ययन में, जिन लोगों को शुगर नहीं थी पर वज़न ज़्यादा था, उन्होंने सेमाग्लूटाइड और जीवनशैली में बदलाव से 68 हफ़्तों में औसतन 14.9 प्रतिशत वज़न घटाया। 2025 के एक अध्ययन में टिरज़ेपाटाइड से वज़न और ज़्यादा घटा। पर ध्यान दें, यह औसत है। कुछ लोगों का वज़न बहुत कम घटता है। कुछ को यह दवा सहन नहीं होती।

इसीलिए डॉक्टर वो सवाल पूछते हैं जो कोई वीडियो नहीं पूछता। क्या आपको शुगर है? नींद में सांस रुकने की दिक्कत तो नहीं? कोई और दवा तो नहीं चल रही? पेट या पित्त की थैली की कोई पुरानी बीमारी? गर्भ की संभावना तो नहीं? इन जवाबों से तय होता है कि कौन सी दवा आपके लिए सुरक्षित है।

नुकसान की बात भी साफ़ होनी चाहिए। जी मिचलाना, उल्टी, कब्ज़ और दस्त आम हैं, ख़ासकर जब खुराक बढ़ती है। कभी-कभी गंभीर दिक्कत भी हो सकती है। लगातार उल्टी, पेट में तेज़ दर्द या शरीर में पानी की कमी होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। मांग बढ़ने से नकली दवाएं भी बाज़ार में आ गई हैं, इसलिए किसी अनजान दुकान से पेन न खरीदें।

ये दवाएं तब सबसे अच्छा काम करती हैं जब एक पूरी योजना के साथ ली जाएं। इसमें खून की जांच, नींद की जांच, खान-पान की मदद और नियमित जांच शामिल हो सकती है। मक़सद सिर्फ़ तराज़ू का नंबर नहीं, बल्कि अच्छी सेहत है।

मुख्य बात

GLP-1 दवाएं मोटापे या शुगर वाले कुछ लोगों की मदद कर सकती हैं। ये डॉक्टर की देखरेख में और लंबे इलाज के साथ सबसे अच्छा काम करती हैं।

प्रमाण: वैज्ञानिक अध्ययन और आधिकारिक स्रोत

इस लेख का हर दावा इन 3 स्रोतों से जुड़ा है।

  1. WHO: GLP-1 दवाओं पर सवाल-जवाब
  2. सेमाग्लूटाइड ट्रायल, NEJM
  3. टिरज़ेपाटाइड बनाम सेमाग्लूटाइड ट्रायल, NEJM
यह लेख सिर्फ़ सबूत समझाता है। यह किसी बीमारी की पहचान या इलाज नहीं है, और डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकता। प्रकाशन से पहले हर लेख को एक रजिस्टर्ड डॉक्टर जांचता है।

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