रिपोर्ट में थोड़ा ज़्यादा HbA1c लोगों को डर और नुस्खों की दुनिया में धकेल देता है। शांत सच यह है कि प्री-डायबिटीज़ आपके मेटाबॉलिज़्म की चेतावनी बत्ती है, और इस पर क़दम उठाने का सबूत सच में उम्मीद भरा है।
इसका मतलब है खून में शुगर सामान्य से ज़्यादा पर डायबिटीज़ की सीमा से कम। इसे फ़ास्टिंग शुगर, HbA1c या ग्लूकोज़ टेस्ट से देखा जाता है, और सही मतलब टेस्ट, उम्र और गर्भ पर निर्भर करता है। कैंप या घर की मशीन का एक नंबर डॉक्टर को दिखाने की वजह है, ज़िंदगी की कहानी नहीं।
अक्सर हां। विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि टाइप 2 डायबिटीज़ अक्सर नियमित व्यायाम, अच्छे खान-पान, वज़न संभालने और तंबाकू से दूरी से रोकी या टाली जा सकती है। सबसे मज़बूत सबूत अमेरिका के Diabetes Prevention Program से आता है, जिसमें जीवनशैली बदलने वाले उच्च-ख़तरे वालों ने क़रीब तीन साल में डायबिटीज़ का ख़तरा 58 प्रतिशत घटाया।
योजना बड़ी क़ुर्बानियों से नहीं, साधारण आदतों से बनती है। रोज़ की तेज़ सैर मांसपेशियों को ग्लूकोज़ इस्तेमाल करने में मदद करती है, थोड़ा वज़न घटाना इंसुलिन का काम सुधारता है, और सब्ज़ी, दाल, मोटे अनाज तथा प्रोटीन वाला खाना रिफ़ाइंड कार्ब से बेहतर शुगर संभालता है।
नहीं। कोई डिटॉक्स ड्रिंक, जादुई बीज या चमत्कारी खाना प्री-डायबिटीज़ नहीं पलटता, और बहुत सख़्त डाइट निभाना मुश्किल तथा कुछ के लिए असुरक्षित है। सबूत समय के साथ एक पैटर्न का समर्थन करता है, जो भारतीय रसोई में दाल, चना, राजमा, सब्ज़ी, दही, अंडा, मछली और मौसमी फल हो सकता है।
किसी भी बॉर्डरलाइन नतीजे की पुष्टि और बीपी, कोलेस्ट्रॉल तथा परिवार का इतिहास जांचने के लिए डॉक्टर को दिखाएं। बहुत प्यास, बार-बार पेशाब, बिना वजह वज़न घटना या धुंधला दिखना दिखे तो जल्दी जांच कराएं, और गर्भवती या योजना बनाने वालों को अलग सलाह चाहिए।